निर्देशः नीचे दिये गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िये तथा उसके नीचे दिये गये प्रश्नों के सही विकल्प छाँटिये-
'विष के दाँत' आचार्य नलिन विलोचन शर्मा द्वारा रचित एक मनोवैज्ञानिक कहानी है। इस कहानी में मध्यवर्ग के जीवन के अनेक अन्तर्विरोधों को रेखांकित किया गया है। इस कहानी का संदर्भ ठोस सामाजिकता के लिए हुए है इसमें स्पष्ट मनोवैज्ञानिक अर्थ भी दिखता है। मध्य वर्ग को आर्थिक स्थितियों का सफल चित्रण हुआ है। सेन साहब अपने खोखा को इंजिनियर बनाना चाहते थे। खोखा घर के नियमो के मामले में अपवाद स्वरूप थी। सेन जैसे मध्यवर्गीय लोगों की एक श्रेणी का चित्रण इतनी बारीकी से हुआ है कि पाठक यथार्थ से अवगत हो जाता है। सेन साहब जैसे सफेदपोश महत्त्वाकांक्षी लोगों के मानसिक और सामाजिक जीवन के विविध प्रसंगो, कुसंस्कारों का चित्रण इस कहानी में कहानीकार ने बड़ी बेबाकी से किया है। गिरधर किरानी था।
दूसरी ओर गिरधर जैसे निम्न मध्यवर्गीय सामान्य व्यक्ति की एक श्रेणी है जो अनेक तरह की थोपी गयी बंदिशों के बीच अपने अस्तित्व को बहादुरी और साहस के साथ बचाये रखने के लिए सदैव संघर्षरत दिखता है।
इस कहानी में सामाजिक भेद-भाव, लिंग-भेद, आक्रामक स्वार्थ की छाया में पलते हुए लाड़-प्यार के कुपरिणामों को उभारा गया है। साथ ही सामाजिक समानता और मानवाधिकार की महत्त्वपूर्ण बानगी भी इस कहानी में स्पष्टतया दिखती है।