'समकालीन कविता काल-क्षण की कविता नहीं, काल-प्रवाह, आघात और विस्फोट की कविता है' - यह किस आलोचक की उक्ति है?

1
विश्वंभरनाथ उपाध्याय
2
बच्चन सिंह
3
नामवर सिंह
4
रामस्वरूप चतुर्वेदी

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