“स्त्री गालियाँ सह लेती हैं, मार भी सह लेती हैं; पर मैके की निन्दा उनसे नहीं सही जाती।”
उपर्युक्त पंक्ति प्रेमचन्द की किस रचना से उद्धृत है?
1
पंच परमेश्वर
2
बड़े घर की बेटी
3
पूस की रात
4
नमक का दारोगा
“स्त्री गालियाँ सह लेती हैं, मार भी सह लेती हैं; पर मैके की निन्दा उनसे नहीं सही जाती।”
उपर्युक्त पंक्ति प्रेमचन्द की किस रचना से उद्धृत है?