"माँ की कुल शिक्षा मैंने दी, पुष्प-सेज तेरी स्वयं रची, सोचा मन में, वह शकुन्तला, पर पाठ अन्य यह, अन्य कला।” पंक्तियाँ किसकी हैं?
1
प्रेमचंद
2
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'
3
आचार्य शुक्ल
4
हरिवंशराय बच्चन
"माँ की कुल शिक्षा मैंने दी, पुष्प-सेज तेरी स्वयं रची, सोचा मन में, वह शकुन्तला, पर पाठ अन्य यह, अन्य कला।” पंक्तियाँ किसकी हैं?