"सब का निचोड़ लेकर तुम
सुख से सूखे जीवन में
बरसो प्रभात हिमकन - सा
आँसू इस विश्व - सदन में I"
उक्त काव्य पंक्तियों के रचयिता हैं :
1
सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
2
जयशंकर
3
महादेवी वर्मा
4
सुमित्रानंदन पंत
"सब का निचोड़ लेकर तुम
सुख से सूखे जीवन में
बरसो प्रभात हिमकन - सा
आँसू इस विश्व - सदन में I"
उक्त काव्य पंक्तियों के रचयिता हैं :