“उड़ गया गरजता यंत्र – गरुड़
बन बिंदु, शून्य मे पिघल गया
पर साँप ?"
ये पंक्तियाँ ‘अज्ञेय’ की किस कविता से है ?1
पहचान
2
साँप
3
हरी घास पर क्ष्ज्ञण भर
4
हवाई अड्डे पर विदा
“उड़ गया गरजता यंत्र – गरुड़
बन बिंदु, शून्य मे पिघल गया
पर साँप ?"
ये पंक्तियाँ ‘अज्ञेय’ की किस कविता से है ?