Comprehension Passage
साहित्य और जीवन का सम्बन्ध देखने के लिए क्षणिक राष्ट्रीय आवश्यकताओं की परिधि से ऊपर उठने की आवश्यकता हैI हम साहित्य के आकाश में क्षितिज के पास रक्तिम वर्ण को ही न देखें, सम्पूर्ण सौर मंडल और उसके अपार विस्तार अगणित रंग-रूप के भी दर्शन करेंI साहित्य की शब्दावली में हम क्षणिक यथार्थ को ग्रहण करने में लगकर वास्तविक यथार्थ का तिरस्कार न करें, जो विविध आदर्शों से सुसज्जित हैंI हम साहित्य और जीवन का सम्बन्ध अत्यंत व्यापक अर्थ में मानेंI देश और काल की सुविधा के ही मोह में न पड़ेंI
‘तिरस्कार’ शब्द का अर्थ क्या है?
1
गर्व
2
गौरव
3
उदासी
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं