Teaching BPSC बिहार माध्यमिक TGT (9 to 10) शिक्षक भर्ती 4.0 Mock Test हिन्दी हिन्दी साहित्य का इतिहास आदिकाल
आदिकालीन काव्यग्रंथों में कथा कहने की पंरपरा को लक्ष्य करके 'पृथ्वीराज रासो' के संदर्भ में किस आलोचक ने लिखा है- "कथा की परीक्षा इतिहास की दृष्टि से नहीं, काव्य की दृष्टि से होनी चाहिए। पुरानी कथाएँ काव्य ही अधिक हैं, इतिहास वे एकदम नहीं हैं।"
1
मुनि जिनविजय
2
राहुल सांकृत्यायन
3
हजारीप्रसाद द्विवेदी
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं