Comprehension Passage
हिंदी की आधुनिक कहानी अंग्रेज़ी साहित्य से हिंदी में आयी। पाश्चात्य देशों में एडगर एलन पो आधुनिक कहानी के जन्मदाताओं में प्रमुख माने जाते हैं। हडसन के अनुसार, लघु कहानी में केवल एक ही मूल भाव होता है। एलेरी ने कहानी की परिभाषा देते हुए उसकी सक्रियता पर अधिक बल दिया है। चंद्रधर शर्मा 'गुलेरी' की 'उसने कहा था' कहानी को मधुरेश शिल्प विधान के आधार पर हिंदी की पहली कहानी माना है। देवीप्रसाद वर्मा ने माधव सप्रे की कहानी 'एक टोकरी भर मिट्टी को हिंदी की पहली मौलिक कहानी सिद्ध किया है। डॉ. बच्चन सिंह ने किशोरीलाल गोस्वामी की कहानी 'प्रणयिनी परिणय' को पहली कहानी माना है। नयी कहानी के विरोध में सचेतन कहानी नामक आंदोलन सामने आया। इसके प्रस्तावक डॉ. महीप सिंह ने कहा "नयी कहानी के अंदर जो अंतर्विरोध थे, उन्हें स्पष्ट करने के लिए और जीवन के प्रति जो सचेतन दृष्टि हम चाहते थे, जिसमें हम यह अनुभव करते थे कि जीवन को मात्र प्रदत्त वस्तु के स्तर पर नहीं जीना चाहिए, बल्कि सक्रियता से भोगना और जीना आज के मनुष्य की नियति है, उसे अपनी रचनाओं के माध्यम से हम रेखांकित करना चाहते थे।" जनवादी कहानी अपनी मूल प्रकृति में सामान्य जन के संघर्ष की पक्षधर है तथा उसका वैचारिक आधार मार्क्सवाद है । जनवादी कहानी का सर्वाधिक बल सर्वहारा तथा मध्यवर्ग द्वारा किये जा रहे शोषण विरोधी संघर्ष पर है। वादी कहानी की मूल प्रवृत्ति श्रमजीवी के प्रति सहानुभूति है।
जनवादी कहानी के विषय में असत्य है।
1
जनवादी कहानी की मूल प्रवृत्ति श्रमजीवी के प्रति सहानुभूति है।
2
जनवादी कहानी का सर्वाधिक बल सर्वहारा तथा मध्य वर्ग द्वारा किये जा रहे शोषण विरोधी संघर्ष पर है।
3
जनवादी कहानी का वैचारिक आधार सार्त्र का अस्तित्ववाद है।
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं