Comprehension Passage
निर्देशः इस पद्य को ध्यान से पढ़ें और नीचे दिए गए प्रश्न का उत्तर देंः
पिताजी जिनको बुढ़ापा
एक क्षण को भी नहीं व्यापा
जो अभी भी दौड़ जाएँ,
जो अभी भी खिलखिलाएं
मौत के आगे न हिचकें
शेर के आगे न बिचकें
बोल में बादल गरजता।
काम में झंझा लरजता।
'मौत के आगे न हिचकें' के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?
1
कवि कहना चाहता है कि वो अत्यंत साहसी है उन्हें जन्म से भी भय नहीं है।
2
कवि कहना चाहता है कि वो अत्यंत साहसी है उन्हें मृत्यु का भी भय नहीं है।
3
कवि कहना चाहता है कि वो अत्यंत साहसी है उन्हें मृत्यु का भय है।
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं