Comprehension Passage

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
इच्छाशक्ति, संघर्ष और प्रगति - ये तीन शब्द मानव जाति के विकास की यात्रा का सार हैं। यह विश्वास है कि हम, अपने पूर्वजों की तरह, असीम संभावनाओं के सागर में तैर रहे हैं, और हमारी हर इच्छा, हर कोशिश हमें एक नई दिशा में ले जाती है।प्रारंभिक मानव, जिसे हम आदिमानव कहते हैं, ने अपने परिवेश के साथ अनेक चुनौतियों का सामना किया। ये चुनौतियां, चाहे वो प्राकृतिक हों या सामाजिक, उनके संघर्षों का केन्द्र थीं। इन्हीं संघर्षों के बीच मानव ने अपने ज्ञान की उचित दिशा निर्धारित की और अपने अस्तित्व के भौतिक, मानसिक, और आध्यात्मिक पहलुओं को समान रूप से विकसित किया।
यह कहना कि मानव ने केवल भौतिक और मानसिक क्षेत्रों में प्रगति की, उसकी आध्यात्मिक यात्रा की महत्ता को कम करना होगा। इसके बजाय, हमें यह मानना चाहिए कि प्राचीन मानव ने उस समय उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अपनी सीमाओं का परिचय देते हुए भी, आध्यात्मिक आयाम में भी प्रगति की। आज, हम एक विश्व में रहते हैं जहां तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति ने हमें अकल्पनीय संभावनाओं की ओर निर्देशित किया है। हम भौतिक, मानसिक, और आध्यात्मिक तीनों क्षेत्रों में समान रूप से विकास कर रहे हैं। फिर भी, हमारे पूर्वजों की तरह, हम भी अनेक अज्ञात चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

"आज, हम एक विश्व में रहते हैं जहां तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति ने हमें अकल्पनीय संभावनाओं की ओर निर्देशित किया है।" इस वक्तव्य का तात्पर्य है:

1
आधुनिक समाज में तकनीकी और वैज्ञानिक विकास को अवमूल्यन किया जा रहा है।
2
मानव समाज अपने पुराने तरीकों में वापस जा रहा है, जहां तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति की कोई भूमिका नहीं थी।
3
तकनीकी और वैज्ञानिक प्रगति ने मानव समाज को नई उचाईयों पर पहुँचाया है, जिससे पहले असंभव समझी जाने वाली संभावनाएँ साकार हो रही हैं।
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं

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