Teaching BPSC बिहार मध्य विद्यालय (6 to 8) शिक्षक भर्ती 4.0 Mock Test हिन्दी साहित्य पाठ बोधन गद्यांश
Comprehension Passage
सुभद्रा सुमन के रंग-रूप, बात पर ऐसी मोहित हुई कि उसे अपनी गाड़ी में बिठा लिया। वकील साहब कोचबाक्स पर जा बैठे। गाड़ी चली। सुमन को ऐसा मालूम हो रहा था कि वह विमान पर बैठी स्वर्ग को जा रही है। सुभद्रा यद्यपि बहुत रूपवती न थी और उसके वस्त्र भूषण भी साधारण ही थे, पर उसका स्वभाव ऐसा नम्र, व्यवहार ऐसा सरल तथा विनय पूर्ण था कि सुमन का हृदय पुलकित हो गया। रास्ते में उसने अपनी सहेलियों को जाते देखा, खिड़की खोल कर उनकी ओर गर्व से देखा, मानो कह रही थी, तुम्हें भी कभी यह सौभाग्य प्राप्त हो सकता है? पर इस गर्व के साथ ही उसे यह भी डर था कि कहीं मेरा मकान देखकर सुभद्रा मेरा तिरस्कार न करने लगे। जरूर यही होगा। यह क्या जानती है कि मैं ऐसे फटे हाल में रहती हूं। यह कैसी भाग्यवान स्त्री है! कैसा देव रूपी पुरुष है! यह ना आ जाते तो वह निर्दयी चौकीदार ना जाने मेरी क्या दुर्गति करता। कितनी सज्जनता है कि मुझे भीतर बिठा दिया और आप कोचवान के साथ जा बैठे! यह इन्हीं विचारों में मग्न थी कि उसका घर आ गया।
प्रयुक्त गद्यांश के लिए उपयुक्त शीर्षक होगा?
1
सुमन
2
वकील साहब
3
सुभद्रा
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं