निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उससे सम्बंधित प्रश्नों के दिए गए बहुविकल्पों में से सही विकल्प को चुनिए।
हमारे विशाल देश में हिमालय की अनंत हिम राशि ने जिन नदियों को जन्म दिया है उनमें, उत्तरा पथ को सींचने वाली गंगा और यमुना नाम की नदियाँ जीवन की धमनियों की तरह हैं। ये हमारे ऐतिहासिक चैतन्य की साक्षी रही हैं। उनकी गोद में हमारे पूर्वजों ने सभ्यता के आंगन में अनेक नए खेल खेले। उनके तटों पर जीवन का जो प्रवाह हुआ वह जीवंत है। भारत भूमि हमारी माता है और हम उसके पुत्र हैं। यह सच्चाई हमारे रोम-रोम में बंधी हुई है। नदियों की अंतर्वेदी में पनपने वाले आदि युग के जीवन पर हम अब जितना अधिक विचार करते हैं, हमको अपने विकास और वृद्धि की सनातन जड़ों का पृथ्वी के साथ संबंध उतना ही अधिक घनिष्ठ जान पड़ता है। जब तक भारतीय जाति का जीवन भारत भूमि के साथ बना हुआ है, जब तक हमारे सांस्कृतिक पर्व पर लाखों मनुष्य नदियों और जलाशयों के तत्व पर एकत्र होते रहेंगे, जब तक संकटों में बलिदान की भावना प्रत्येक मन में जागती रहेगी, जब तक एक देश के नागरिक के रूप में हमारी पहचान जीवित है, तब तक हमारे आंतरिक गठन और हमारे अस्तित्व को सकुशल समझना चाहिए।