निर्देश: गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए ।
कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्त्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीक़ा आप कितनी ही ज़रूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फ़ायदा ही क्या ? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की ज़रूरत होती है । और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा - पूरा ध्यान । आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा ?” इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है । ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानो के बिलकुल पास खड़े हों, और तब उनका स्पर्श दूसरों को आगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेज़ी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी । और जब तक आख़िरी स्वर की गूंज ख़त्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे । वे ख़ामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे... सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी ।