निम्नलिखित अनुच्छेद को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
एकता के महत्त्व से संबंधित अनेक लोकोक्तियाँ प्रचलित हैं, यथा - दस की लाठी एक का बोझ, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता इत्यादि। एक तिनके की क्या हस्ती ? लेकिन जब वही तिनका संगठित होकर रस्सी बन जाता है, तब इससे बलशाली हाथी भी बंध जाता है। एक ईंट की क्या बिसात ? लेकिन जब यहीं ईंटें मिलकर दीवार बनाती हैं, तब उसे तोड़ना मुश्किल हो जाता है। एक बूँद जल का क्या अस्तित्व ? लेकिन जब इन्हीं बूँदों के मेल से सागर का निर्माण होता है, तो उसे लाँघना दुष्कर हो जाता है। एक चींटी की क्या औकात ? लेकिन जब ये छोटी- सी चींटियाँ एक साथ हो जाती हैं, तब अपने से बड़े आकार के जीवों को चट कर जाती हैं। एकता के महत्त्व से संबंधित एक किसान और उसके बच्चों की और लकड़ी के टुकड़ों की कथा प्रचलित है। लकड़ी के टुकड़े जब अलग-अलग रहते हैं, तब बच्चों द्वारा वे आसानी से तोड़ दिये जाते हैं; परंतु वे ही टुकड़े जब संगठित होकर गट्ठर बन जाते हैं, तब बच्चे तोड़ नहीं पाते हैं। इन दृष्टान्तों से स्पष्ट है कि 'एकता में ही बल है।'