निम्नलिखित गद्यांश के खाली स्थानों में उचित शब्द भरिए।
गीत एक आदिम काव्यविधा है, जिसका सीधा संबंध 'गायन-योग्य मनोदशा' से है। जब यह मनोदशा स्वतःस्फूर्त ढंग से पैदा होती है तो मन में एक प्रकार की समस्वरता आ जाती है, जिसका प्रभाव आदमी के _____________(1) पर सहज रूप में लक्षित होने लगता है। सामान्य जन की इस गायन-योग्य मनोदशा का मूर्तन _________(2) में और संग-साथ में भी, प्रायः किसी पर्व-त्योहार या मांगलिक उत्सव आदि के समय देखा-सुना जाता है। इतना ही नहीं, कठोर श्रम करते हुए किसी _________(3) या श्रमिक समुदाय द्वारा कुछ गुनगुनाते हुए तल्लीनतापूर्वक अपना कार्य संपादित करते रहने की प्रक्रिया में भी इसे देखा-___________(4) जा सकता है। 'गीत' की वैधानिक संरचना पर सैद्धांतिक चर्चा करते हुए कुछ गीतकारों एवं आलोचकों ने इस 'गायन-योग्य मनोदशा' को 'शब्द की लय' एवं 'अर्थ की लय' के बजाय 'मनोलय' के रूप में चिह्नित किया है, जो गीत की मूलभूत ऊर्जा है। कहना न होगा कि गायन-योग्य यह __________(5) ध्वनि-शब्द का आधार लेकर ही गीत के रूप में व्यक्त होती है।