"कविता और कुछ नहीं होकर कवि की आत्मा प्रस्वेद होती है।"-यह कथन किसका आलोचक है?

1
रामधारी सिंह 'दिनकर'
2
रामचन्द्र शुक्ल 
3
हजारीप्रसाद द्विवेदी 
4
उपर्युक्त में से एक से अधिक
5
उपर्युक्त में से कोई नहीं

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