“मधुमय वसन्त जीवन-वन के ! बह अन्तरिक्ष की लहरों में।
कब आये थे तुम चुपके-से, रजनी के पिछले पहरों में?”
उपर्युक्त पंक्तियों में काव्य गुण है -
1
प्रसाद गुण
2
ओज गुण
3
माधुर्य गुण
4
ओज और प्रसाद गुण
“मधुमय वसन्त जीवन-वन के ! बह अन्तरिक्ष की लहरों में।
कब आये थे तुम चुपके-से, रजनी के पिछले पहरों में?”
उपर्युक्त पंक्तियों में काव्य गुण है -