निम्न में से कौन सा विकल्प हास्य रस का सही उदाहरण है?
1
बिंध्य के बासी उदासी तपोब्रत धारी महा बिनु नारि दुखारे ।
गौतमतीय तरी, तुलसी, सो कथा सुनि भे मुनिबंद सुखारे ॥
ह्वै हैं सिला सब चंद्रमुखी परसे पद मंजुल कंज तिहारे ।
कीन्हीं भली रघुनायकजू करुना करि कानन को पगु धारे ॥
2
अभी तो मुकुट बँधा था माथ, हुए कल ही हल्दी के हाथ ।
खुले भी न थे लाज के बोल, खिले थे चुम्बन शून्य कपोल ।
हाय! रुक गया यहाँ संसार, बना सिन्दूर अनल अंगार ।
वातहत लतिका यह सुकुमार, पड़ी है छिन्नाधार ।।
3
चरन कमल बंदौ हरिराइ ।
की कृपा पंगु गिरि लंघे, अंधे को सब कुछ दरसाई ॥
बहिरौ नै, गूँग पुनि बोलै, रंक चलै सिर छत्र धराई
सूरदास स्वामी करूनामय, बार बार बंदौं तिहिं पाई ॥
4
सिसु सब राम प्रेमबस जाने। प्रीति समेत निकेत बखाने ।।
निज निज रुचि सब लेंहिं बोलाई। सहित सनेह जाहिं दोउ भाई ।।