Comprehension Passage
नारी है शक्ति की अद्भुत परिभाषा,
धैर्य और सौम्यता की जीवंत काशा।
जननी, बहन, मित्र, प्रेमिका, जीवनसाथी,
सदा सजग, करती है हर रोल अभिनीत अपार।
सपनों को वह उड़ान देती, संघर्षों में स्तंभ बन जाती,
अश्रु से सींच कर खुशियों के फूल उगाती।
आत्मसम्मान की दीपशिखा, नारी है अतुल्य,
अन्याय के विरुद्ध में वो चट्टान सी दृढ़ संघर्षशील।
नारी है वीरता और करुणा की संयोजनीय।
कविता की किस पंक्ति से नारी की समाज में उपस्थिति की अद्वितीयता और महत्ता का पता चलता है?
1
नारी है शक्ति की अद्भुत परिभाषा
2
सपनों को वह उड़ान देती, संघर्षों में स्तंभ बन जाती
3
समाज की उन्नति में, उसकी भूमिका अतुलनीय
4
अन्याय के विरुद्ध में वो चट्टान सी दृढ़ संघर्षशील