दिये गये गद्यांश के आधार पूछे गये प्रश्न के उत्तर के सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
12 जनवरी, 2013 को स्वामी विवेकानन्द की 150वीं जन्म जयंती पूरे देश में मनाई गई। इसे नाम दिया गया सार्धशती। आधे (पचास ) के नाम शती (100) यानी डेढ़ सौ साल। स्वामी विवेकानन्द ने केवल उनतालीस वर्ष के अपने जीवन में जैसी अद्भुत काम कर दिखाया है। वैसा विरले लोग ही कर पाते हैं। इसके बचपन का नाम नरेन्द्र था। बंगाली उच्चारण के साथ घर में 'नरेन' बुलाते थे। 'विवेकानन्द' नाम उन्हें उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस ने दिया था। अन्य देशों में भारत को स्वाभिमान के साथ एक नई पहचान दिलाने वालों में विवेकानन्द का नाम बड़ी श्रद्धा से लिया जाता है। वे अत्यंत संवेदनशील थे। कवि थे। प्रकाण्ड विद्वान थे। गंभीर अध्येता थे। चिंतक थे। साधक थे। अद्भुत स्मरणशक्ति के धनी थे। असाधारण वक्ता थे। यायावर थे। दूरदृष्टा थे। परम साहसी थे। दबे-कुचलों की आवाज थे। प्रगतिशील थे। धार्मिक थे, पर धर्मांध नहीं थे। साधुओं के साधु थे, ऋषियों के ऋषि थे। संन्यासियों के संन्यासी थे। स्वामी विवेकानन्द विराट भारत की समग्र पहचान थे।