Comprehension Passage

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही / सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए ।

कोयल की कुहू कुहू, मयूरों का नृत्य, मेघों की प्रतिच्छाया में उड़ती बगुलों की पंक्तियाँ, शरद् ऋतु का निरभ्र गगन, वसन्त ऋतु में लहराते पत्ते और अनेक रंगों की छटा बिखेरते पुष्प, भँवरों की गुनगुन, सभी हमारे मन-प्राणों को पुलकित कर देते हैं । परन्तु दुख की बात है। कि आज इस बुद्धिवादी युग में हम प्रकृति से दूर हटते जा रहे हैं। हर तरफ भाग-दौड़, अर्थ-लिप्सा, कार्य व्यग्रता, संकीर्णता आदि कुछ ऐसी बातें हैं जिनके कारण हम कभी खुले आसमान की ओर ताकने का समय ही नहीं निकाल पाते । यद्यपि प्रकृति की विविध दृश्यावलि से परिपूर्ण हमारा देश भारत संसार भर में प्रसिद्ध है, तथापि प्रदर्शन हेतु पर्वतीय प्रदेशों की सैर से प्रकृति का आनन्द हम उठा नहीं पाते । प्राकृतिक सौन्दर्य से परिपूर्ण स्थलों पर भी हम सांसारिकता में उलझे और पिकनिक का मज़ा लेते अपना समय यूँ ही गँवा बैठते हैं । 

'कोलाहल भरा वातावरण, महानगरों की व्यस्तता, संकीर्णता आदि कुछ ऐसी बातें हैं, जिनके कारण हम कभी खुले आसमान की ओर ताकने का समय ही नहीं निकाल पाते हैं ।' वाक्य का भाव है

1
महानगरीय व्यस्तताओं के कारण हम आसमान के नीचे नहीं बैठ पाते हैं। 
2
महानगरों में गगनचुंबी इमारतों के कारण खुला आसमान दिखाई नहीं देता है । 
3
महानगरीय व्यस्तताओं और शोर भरे वातावरण के कारण हम प्रकृति का आनंद लेने के लिए समय नहीं निकाल पाते हैं । 
4
महानगरीय व्यस्तताओं के बावजूद हम प्रकृति का आनंद लेने के लिए समय निकाल पाते हैं। 

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