अब राजप्पा को कोई नहीं पूछता। आज कल सब के सब नागराजन को घेरे रहते। 'नागराजन घमंडी हो गया है, राजपप्पा सारे लड़को में कहता फिरता। पर लड़के भला कहाँ उसकी बातों पर ध्यान देते; नागराजन के मामा जी ने सिंगापुर से एक अलबम भिजवाया था। वह लड़कों को दिखाया करता। सुबह पहली घंटी के बजने तक सभी लड़के नागराजन को घेर कर अलबम देखा करते। आधी छुट्टी के वक्त भी इसके आस-पास लड़कों का जमघट लगा रहता। कई लोग टोलियों में उसके घर तक हो आये। नागराजन शांतिपूर्वक सभी को अपना अलबम दिखाता, पर किसी को हाथ नहीं लगाने देता। अलबम को गोद में रख लेता और एक-एक पन्ना पलटता, लड़के बस देखकर खुश होते। और तो और कक्षा की लड़कियाँ भी उस अलबम को देखने के लिए उत्सुक थीं। पार्वती लड़कियों की अगुवा बनी और अलबम माँगने आई। लड़कियों में वही तेज-तर्रार मानी जाती थी। नागराजन ने कवर चढ़ाकर अलबम उसे दिया। शाम तक लड़कियाँ अलबम देखती रहीं फिर उसे वापस कर दिया।
उपर्युक्त गद्यांश को पढ़कर नीचे पूछे गए प्रश्न का उत्तर बताइए।