निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही/सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए।
शोषण, एक ऐसा शब्द है जिसकी गहराइयों में ढेरों दर्द और विवशताएं छिपी होती हैं। यह व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के अंतरंग को बुरी तरह से प्रभावित करता है। शोषण का आरम्भ तो मानव सभ्यता के आरम्भिक काल से ही हुआ है, जहाँ शक्तिशाली वर्ग ने कमजोर वर्गों को अपने लाभ के लिए उपयोग में लाया। समय के साथ, शोषण के स्वरूप में कई परिवर्तन आए हैं, लेकिन इसकी विधारधारा एक समान बनी हुई है।
शोषण अनेक रूपों में होता है, जैसे आर्थिक शोषण, लैंगिक शोषण, श्रमिक शोषण, और मानसिक शोषण। आर्थिक शोषण में, शक्तिशाली वर्ग अपनी आर्थिक स्थिति का लाभ उठाकर कमजोर वर्ग को अपने नियंत्रण में रखते हैं। लैंगिक शोषण में स्त्रियों और बच्चियों को विशेषकर प्रताड़ित किया जाता है। श्रमिक शोषण में, मजदूरों को उनके हक से कम मेहनताना दिया जाता है और उनसे अधिक घंटे काम करवाया जाता है। मानसिक शोषण में, व्यक्ति को भावनात्मक या मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता है।
शोषण एक सामाजिक समस्या है जो हमारे समाज के मूल में गहराई से बैठ चुकी है। इसका मुकाबला करने के लिए, हमें शिक्षा और जागरूकता की ओर अग्रसर होना होगा। समाज के प्रत्येक सदस्य की यह जिम्मेदारी है कि वे शोषण के विरुद्ध खड़े हों और उसे मिटाने के लिए कार्य करें। सरकार और गैर-सरकारी संगठनों को भी इस दिशा में काम करने की आवश्यकता है।
अंत में, यह कहना महत्वपूर्ण होगा कि शोषण की समस्या को समाप्त करना हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है। हमें एक ऐसे समाज की कल्पना करनी होगी जहाँ सभी व्यक्तियों को समान अधिकार और सम्मान मिले। एक ऐसा समाज, जहां शोषण नहीं, बल्कि सहयोग और सम्मान की भावना हो।