'सिक्का बदल गया' कहानी के कथनों का पहले से बाद का क्रम हैं-
A. खद्दर की चादर ओढ़े, हाथ में माला लिए शाहनी जब दरिया के किनारे पहुँची तो पौ फट रही थी।
B. चनाब का पानी आज भी पहले-सा ही सर्द था, लहरें लहरों को चूम रही थीं।
C. आज इस प्रभात की मीठी नीरवता में न जाने क्यों कुछ भयावना-सा लग रहा है।
D. शेरा शाहनी का स्वर पहचानता है। वह न पहचानेगा! अपनी माँ जैना के मरने के बाद वह शाहनी के पास ही पलकर बड़ा हुआ।
E. आज शाहनी नहीं उठ पा रही। जैसे उसका अधिकार आज स्वयं ही उससे छूट रहा है!
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-
1
A, B, D, C, E
2
A, C, D, E, B
3
B, A, D, E, C
4
A, B, C, D, E