दिए गए अनुच्छेद में कुछ शब्द हटा दिए गए हैं। दिए गए विकल्पों की सहायता से रिक्त स्थान भरें। प्रत्येक प्रश्न संख्या के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।
द्वापर में भी ऐसे ही एक महान (1)______ का प्राकट्य हुआ था, जिन्हें आज संसार भगवान श्री (2)______ के नाम से पूजता है। उनका सम्पूर्ण जीवन संघर्ष की एक खुली किताब है। जन्म से लेकर देहावसान तक, शायद ही उनके जीवन में कभी सुख-चैन की (3)______ आईं हों। लेकिन अपने बुलंद इरादों से उन्होंने हर विलापमय क्षण को मांगल्य के क्षणों में तब्दील कर दिया। हर ढल चुकी शाम को दोपहर की तरह स्वर्णिम बना दिया। उन्होंने दिखा दिया इस निराश (4)______ को, कि कैसे सर्प के सिर से जहर की जगह मणि की प्राप्ति की जा सकती है! कैसे सागर की उफनती (5)______ में डूबने की जगह, उन पर तैरा जा सकता है! आइए, हम भी उनकी जीवन-लीला से अपने लिए प्रेरणा के कुछ रत्न चुनें।