निर्देश: नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नो के सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प का चयन कीजिए-
इतिहास के आरम्भ के साथ ही भारत ने अपनी अंतहीन खोज प्रारंभ की ओर न जाने कितनी ही सदियाँ इसकी भव्य सफलताओं से भरी हुई है। चाहे अच्छा वक्त हो या बुरा, भारत ने कभी इस खोज से अपनी दृष्टि नहीं हटाई और कभी भी अपने उन आदर्शों को नहीं भूला जिसने इसे शक्ति दी। आज हम दुर्भाग्य के एक युग का अंत कर रहे हैं और भारत पुन: खुद को खोज पा रहा है।
आज हम जिस उपलब्धि का उत्सव मना रहे हैं, वो महज एक कदम है, नए अवसरों के खुलने का। इससे भी बड़ी-बड़ी उपलब्धियाँ हमारी प्रतिक्षा कर रही है। क्या हममें इतनी शक्ति और बुद्धिमता है कि हम इस अवसर को समझें और भविष्य की चुनौतियों को स्वीकार करें ?
भविष्य में हमें विश्राम करना या चैन से नहीं बैठना है। बल्कि निरंतर प्रयास करना है ताकि हम जो वचन बार-बार दोहराते रहे हैं और जिसे हम आज भी दोहराएंगे, उसे पूरा कर सकें। भारत की सेवा का अर्थ है लाखों-करोड़ों पीडि़त लोगों की सेवा करना। इसका मतलब है गरीबी और अज्ञानता को मिटाना, बीमारियों और अवसर की असमानता को मिटाना। हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की यही महत्वकांक्षा रही है कि हर एक आँख से आँसू मिट जाएँ। शायद यह हमारे लिए संभव न हो पर जब तक लोगों की आँखों में आँसू हैं और वे पीडि़त हैं तब तक हमारा काम खत्म नहीं होगा। और इसलिए हमें परिश्रम करना होगा और कठिन परिश्रम करना होगा ताकि हम अपने सपनों को साकार कर सकें। वो सपने भारत के लिए हैं पर साथ ही वे पूरे विश्व के लिए भी हैं। आज कोई खुद को बिल्कुल अलग नहीं सोच सकता, क्योंकि सभी राष्ट्र और लोग एक-दूसरे से बड़ी निकटता से जुड़े हुए हैं। शांति को अविभाज्य कहा गया है, इसी तरह स्वतंत्रता भी अविभाज्य है। समृद्धि भी और विनाश भी, अब इस दुनिया को छोट-छोटे हिस्सों में नहीं बाँटा जा सकता है।
भारतवर्ष की जनता से जिसके हम प्रतिनिधि हैं, अपील ये करते हैं कि वे आस्था एवं विश्वास के साथ इस अभियान से जुड़े। अभी तुच्छ आलोचना, वैमनस्य अथवा दूसरों पर दोषारोपण का समय नहीं है। हमें स्वतंत्र भारत का महान निर्माण करना है जहाँ उसके सारे बच्चे रह सकें।
आज नियत समय आ गया है, एक ऐसा दिन जिसे नियतिने तय किया था और एक बार फिर वर्षों के संघर्ष के बाद भारत जागृत व स्वतंत्र खड़ा है। कुछ हद तक अभी भी हमारा भूत हमसे चिपका हुआ है, और हम अक्सर जो वचन लेते रहे हैं उसे निभाने से पहले बहुत कुछ करना है। पर फिर भी निर्णायक बिन्दु अतीत हो चुका है, और हमारे लिए एकनया इतिहास आरंभ हो चुका है, एक ऐसा इतिहास जिसे हम गढ़ेंगे और जिसके बारे में लोग लिखेंगे।