"इनके पद कठिन राग-रागिनियों में गाने योग्य हैं, पढ़ने में कुछ ऊबड़-खाबड़ लगते हैं। पदविन्यास भी और कवियों के समान सर्वत्र मधुर और कोमल नहीं हैं पर भाव उत्कृष्ट हैं।"
उपर्युक्त कथन रामचन्द्र शुक्ल ने किस कवि के संदर्भ में कहा है?
1
स्वामी हरिदास
2
नन्ददास
3
रसखान
4
परमानंद दास