"तुम भी अपरिचित लग रही हो। इसलिये कहता हूँ कि संभव है दृश्य उतना नहीं बदला जितनी मेरी दृष्टि बदल गई है।" - आषाढ़ का एक दिन' नाटक का उक्त संवाद किसका है?

1
कालिदास 
2
मल्लिका 
3
विलोम 
4
प्रियंगुमंजरी

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