'और उस मुख पर वह मुसक्यान !
रक्त किसलय पर ले विश्राम ।
अरुण की एक किरण अम्लान
अधिक अलसाई हो अभिराम ।'
सन्दर्भ में अनुपयुक्त व्याख्या है।
1
मुस्कान का बिम्बपरक अंकन
2
श्रद्धा का सौन्दर्य वर्णन
3
अस्ताचलगामी सूर्य की एक किरण से तुलना
4
गेयता
'और उस मुख पर वह मुसक्यान !
रक्त किसलय पर ले विश्राम ।
अरुण की एक किरण अम्लान
अधिक अलसाई हो अभिराम ।'
सन्दर्भ में अनुपयुक्त व्याख्या है।