'विरेचन' के संबंध में अरस्तू के काव्य - चिंतन के प्रमुख बिन्दु हैं-
A. भावों का दमन हानिकारक है।
B. भावों का संतुलन जीवन के लिए अनिवार्य है।
C. विरेचन भावनात्मक विश्रांति तो करता है परंतु भावनात्मक परिष्कार नहीं करता।
D. अरस्तू ने करुणा और भय को परस्पर जुड़ा हुआ माना है।
E. दुखांतक देखने से हमेशा भावों से मुक्ति अल्पकालिक होती है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
1
केवल A, B और E
2
केवल A, B और D
3
केवल B, C और D
4
केवल E, A और D