"चल-चल देता है लाद-लाद कर बार-बार बनजारा ;
सब ठाठ धरा रह जाता ; धन बस दूर क्षितिज का तारा !"
उपर्युक्त पंक्ति किस रचना की है?
1
अरे यायावर रहेगा याद?
2
मेरी तिब्बत यात्रा
3
संस्कृति के चार अध्याय
4
आवारा मसीहा
"चल-चल देता है लाद-लाद कर बार-बार बनजारा ;
सब ठाठ धरा रह जाता ; धन बस दूर क्षितिज का तारा !"
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