"भिक्षुक जब तक दस द्वारे न जाए, उसका पेट कैसे भरेगा? मैं ऐसे भिक्षुकों को मुँह नहीं लगाती। ऐसे तो गली-गली मिलते हैं। फिर भिक्षुक देता क्या है, असीस! असीसों से तो किसी का पेट नहीं भरता।"
उपर्युक्त कथन गोदान उपन्यास में किन पात्रों के मध्य हुआ है?
1
झुनिया, होरी से
2
गोबर, होरी से
3
झुनिया, गोबर से
4
धनिया, होरी से