'कलगी बाजरे की' कविता में आई निम्न उक्तियों / संवादों को कविता में आने के आधार पर, पहले से बाद के क्रम में लगाइए :

(A) कभी बासन अधिक घिसने से मुलम्मा छूट जाता है।

(B) शब्द जादु हैं-
मगर क्या समर्पण कुछ नहीं है ?

(C) आज हम शहरातियों को
पालतु मालंच पर संवरी जुहि के फ़ूल से

(D) अगर मैं तुम को ललाती सांझ के नभ की अकेली तारिका
अब नहीं कहता,

(E) बल्कि केवल यही : ये उपमान मैले हो गये हैं।
देवता इन प्रतीकों के कर गये हैं कूच।

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: 

1
(D), (E), (A), (B), (C)
2
(C), (A), (E), (D), (B)
3
(D), (E), (A), (C), (B)
4
(C), (E), (D), (A), (B)

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