'गोदान' उपन्यास में कौन-सी पंक्तियाँ होरी द्वारा कही गई है-

(A) जब दूसरे के पाँवों तले अपनी गर्दन दबी हुई हो तो उन पाँवों को सहलाने में ही कुशल है। 

(B) हमारी गरदन दूसरों के पैरों के नीचे दबी हुई है, अकड़कर निबाह नहीं हो सकता। 

(C) बुद्धि अगर स्वार्थ से मुक्त हो, तो हमें उसकी प्रभुता मानने में कोई आपत्ति नहीं।  

(D) हमें नहीं रहना है बिरादरी में, बिरादरी में रहकर हमारी मुकुत न हो जाएगी।  

(E) मजूरी करना कोई पाप नहीं। मजूर बन जाए तो किसान हो जाता है। 

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए: 

1
केवल (A), (D), (E)
2
केवल (A), (B), (C)
3
केवल (A), (C), (D)
4
केवल (A), (B), (E)

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