“लोल लहरियाँ डोल रही हैं,
भ्रू-विलास-रस घोल रही हैं,
इंगित ही में बोल रही हैं,
मुखरित कूल-किनारा!
सखि, निरंख नदी की धारा।”
उपर्युक्त पंक्ति किस रचना से संबंधित है?
1
साकेत
2
भारत- भारती
3
प्रियप्रवास
4
कामायनी
“लोल लहरियाँ डोल रही हैं,
भ्रू-विलास-रस घोल रही हैं,
इंगित ही में बोल रही हैं,
मुखरित कूल-किनारा!
सखि, निरंख नदी की धारा।”
उपर्युक्त पंक्ति किस रचना से संबंधित है?