'हरी घास पर क्षण भर' कविता की पंक्तियाँ हैं-
A. क्षण भर भूल सकें हम, नगरी की बेचैन बुदकती गड्ड-मड्ड अकुलाहट-
B. प्रकृतिवाद है स्खलन क्योंकि युग जनवादी है।
C. तुम्हें निहारूँ, झिझक न हो कि निरखना दबी वासना की विकृति है!
D. यह विश्वास, नहीं जो अपनी लघुता में भी काँपा, वह पीड़ा जिसकी गहराई को स्वयं उसी ने नापा--
E. नाप रहे थे धरती का अनहद फासला, घंटों के हिसाब से ढोए जा रहे थे!
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए-
1
केवल A, B और C
2
केवल B, C और E
3
केवल A, C और E
4
केवल B, C और D