"सरनागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि
ते नर पाँवर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि ।।"
'रामचरितमानस' में यह कथन किसने कहा था ?
1
राम
2
सुग्रीव
3
लक्ष्मण
4
सीता
"सरनागत कहुँ जे तजहिं निज अनहित अनुमानि
ते नर पाँवर पापमय तिन्हहि बिलोकत हानि ।।"
'रामचरितमानस' में यह कथन किसने कहा था ?