“तुम कनक किरण के अंतराल में
लुक-छिपकर चलते हो क्यों
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हे लाज भरे सौन्दर्य बता दो.
मौन बने रहते हो क्यों।”
उपर्युक्त गीत-पंक्तियाँ जयशंकर प्रसाद की किस रचना से सम्बन्धित हैं?
1
चन्द्रगुप्त मौर्य
2
प्रलय की छाया
3
कामायनी
4
स्कन्दगुप्त