Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
“तोरि मानिनी तें हियो फोरि मोहिनी मान ।
प्रेमदेव की छबि ही लखि भए मियाँ रसखान ।।”
आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार उपर्युक्त दोहे से प्रमाणित होता है कि
(a) रसखान किसी स्री पर आसक्त थे।
(b) स्त्री मानवती थी और रसखान का अनादर करती थी।
(c) रसखान स्वयं को प्रेम का मानदंड मानते थे।
(d) रसखान को भास हुआ कि जिस पर गोपियाँ मरती हैं उसी पर ध्यान लगाया जाए।
(e) रसखान मोहिनी का मान-मर्दन करना चाहते थे।
निम्नलिखित विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
1
(a), (b) और (c)
2
(a), (b) और (d)
3
(b), (c) और (e)
4
(b), (c), (d) और (e)