"करौं मुहम्मदशाह बखान्। सूरज है देहली सुल्तान् ।।
धरमपंथ जग बीच चलावा। निवर न सबरे सों दुख पावा ।।"
उपर्युक्त पंक्तियां किस सूफी कवि की हैं -
1
मालिक मुहम्मद जायसी
2
नूर मुहम्मद
3
उसमान
4
कुतुबन
"करौं मुहम्मदशाह बखान्। सूरज है देहली सुल्तान् ।।
धरमपंथ जग बीच चलावा। निवर न सबरे सों दुख पावा ।।"
उपर्युक्त पंक्तियां किस सूफी कवि की हैं -