आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने “प्रिय प्रवास” की निम्नलिखित में से किस विशेषता का उल्लेख नहीं किया है?

1
अधिकतर पदों में बड़े ढंग से हिंदी अपनी चाल पर चली चलती दिखाई पड़ती है।
2
इसकी कथावस्तु एक अच्छे प्रबन्ध के लिए पर्याप्त है।
3
यह काव्य अधिकतर भाव व्यंजनात्मक और वर्णनात्मक है।
4
हिंदी को 'है', 'था' “किया' 'दिया' ऐसी दो एक क्रियाओं के भीतर ही सिमट कर रह जाना पड़ा है।

Sponsored

hivanix.in

Visit

This quiz is brought to you by hivanix.in

🌐 Web App Development

Quick Navigation