निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और प्रश्न का उत्तर दिए गए विकल्पों से चुनिएI
हमारी परंपरा महिमामयी, उत्तराधिकार विपुल और संस्कार उज्ज्वल हैI हमारे अंजान में भी ये बाते हमें एक खास दिशा में सोचने की प्रेरणा देती हैंI यह जरूर है कि परिस्थितियाँ बदल गयी हैं I उपकरण नए हो गए हैं और उलझनों कि मात्र भी बहुत बढ़ गयी है, पर मूल समस्याएं बहुत अधिक नहीं बदली हैंI भारतीय चित्त जो आज भी 'अधीनता' के रूप में न सोचकर 'स्वधिनता' के रूप में सोचता है, वह हमारे दीर्घकालीन संस्कारों का फल है I वह 'स्व' के बंधन को आसानी से नहीं छोड़ सकताI अपने - आप पर अपने - आप के द्वारा लगाया हुआ बंधन हमारी संस्कृति की बड़ी भारी विशेषता है I मैं ऐसा तो नहीं मानता कि जो कुछ हमारा पुराना है, जो कुछ हमारा विशेष है, उससे हम छिपते रहें I पुराने का 'मोह' सब समय वांछनीय ही नहीं होताI मरे बच्चे को गोद में दबाए रहनेवाली 'बंदरिया' मनुष्य का आदर्श नहीं बन सकतीI परंतु मैं ऐसे भी नहीं सोच सकता कि हम अनुसंधित्सु के नशे में चूर होकर अपना सरबस खो देंI