Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
झूठो है, झूठो है, झूठो सदा जगु, संत कहंत जे अंतु लहा है |
ताको सहै सठ ! संकट कोटिक, काढत दंत, करंत हहा है |
जानपनी को गुमान बड़ो, तुलसी के बिचार गँवार महा है |
जानकी जीवनु जान न जान्यो तौ जान कहावत जान्यो कहा है ||
तीसरी पंक्ति में तुलसीदास कहना चाहते हैं कि:
(a) उन्हें अपने ज्ञानीपने का बहुत अभिमान है |
(b) वे स्वयं महा गँवार हैं |
(c) संसार को झूठा कहने वाले महा गँवार हैं |
(d) जानकी के जीवन से अनभिज्ञ लोग गँवार हैं |
1
(c) और (d) सही
2
(a) और (b) सही
3
(a) और (c) सही
4
(a), (c) और (d) सही