"अजी हजरत, यही चोरी कराते हैं। शहर के जितने चोर - डाकू हैं. सब इनसे मिले रहते हैं। रात को ये लोग चोरों से कहते हैं, चोरी करो और आप दूसरे मुहल्ले में जाकर 'जागते रहो! जागते रहो।। पुकारते हैं।"
- यह संवाद 'ईदगाह' कहानी के किस पात्र का है?
1
महमूद
2
मोहसीन
3
नूरे
4
सम्मी