‘उन्होंने पाश्चात्य नाट्य साहित्य के किताबी ज्ञान को निजी अनुभव और पर्यवेक्षण के खरल में कूट पीस कर सामाजिक दिग्दर्शन का नवीन और तथ्यपरक रसायन तैयार किया।’ प्रसिद्ध नाटककार जगदीश चन्द्र माथुर ने उपर्युक्त विचार किस नाटककार के सन्दर्भ में व्यक्त किया?
1
लक्ष्मीनारायण मिश्र
2
उपेन्द्रनाथ अश्क
3
रामकुमार वर्मा
4
विष्णु प्रभाकर