'संस्कृति के चार अध्याय' में तिलक के बारे में उपयुक्त बातें कौन सी हैं ?
A. गीता रहस्य में तिलक जी ने सुस्पष्ट घोषणा की कि गीता के उद्देश्य निवृत्ति नहीं प्रवृत्ति का प्रतिपादन किया है।
B. कर्मण गृहस्थ को योगी, सन्यासी और भक्त के समकक्ष नहीं माना जा सकता है।
C. तिलक के उपदेश तत्कालीन समय में वीरता, निर्भीकता और सच्चाई के सबसे बड़े उपदेश थे।
D. गीता का मार्ग संन्यास का मार्ग है, संसार त्याग और कर्म न्यास का मार्ग है।
E. तिलक जी ने बताया कि योग का अर्थ गीता में कर्म है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
1
केवल A, C और E
2
केवल B, D और E
3
केवल A, C और D
4
केवल B, C और E