Teaching UGC NET Mock Test Series 2025 (Paper 1 & 2) हिन्दी साहित्य हिन्दी साहित्य का इतिहास भक्तिकाल
तपै लागि अब जेठ असाढ़ी I मोहि पिउ बिन छाजनि भइ गाढ़ी II
तन तिनउर भा, झूरौं खरी I भइ बरखा, दुख आगरि जरी II
इस पूरे कड़वक में नागमती की विरह - दशा के बारे में यह विचार किसका है ?
"यह आशिक माशूकों का निर्लज्ज प्रलाप नहीं है; यह हिन्दू ग्राहिणी की विरहवाणी है I इसका सात्विक मर्यादापूर्ण माधुर्य मनोहर है I"
1
चन्द्रबली पांडेय
2
रामचंद्र शुक्ल
3
माताप्रसाद गुप्त
4
श्याम मनोहर पांडेय