'फिर विकल हैं प्राण मेरे' गीत के निहितार्थ हैं:
A. स्त्री आगे बढ़ने के लिए पुरुष का संबल चाहती है।
B. अपनी सीमित दुनिया के घेरे को तोड़कर स्त्री अनदेखी - अनजानी दुनिया को देखना चाहती है।
C. अपनी यात्रा के तिमिराच्छन्न हो जाने की कल्पना करके स्त्री अकेले यात्रा आरंभ करना नहीं चाहती।
D. स्त्री ने अपना लक्ष्य निर्धारित कर लिया है और वह आगे बढ़ने के लिए व्यग्र है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
1
केवल B और D
2
केवल A और C
3
केवल B और C
4
केवल C और D