निम्नलिखित अवतरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
अंग्रेजी राज में शिक्षा संबंधी सुधार अंग्रेजों की महानता का डंका पीटने के लिए शुरू किए गए थे। उपनिवेशवादियों ने आशा की थी कि "शिक्षा से उत्पन्न ज्ञान, जनता को ब्रिटिश शासन का सम्मान करना सिखाएगी और उसमें एक हद तक इस शासन के प्रति अपनत्व की भावना भी पैदा करेगी।" और, जैसा कि एल्फिन्स्टन ने कहा, ब्रिटिश शिक्षा "भारतीय जनता को ब्रिटिश शासन को प्रसन्नता से स्वीकार करने योग्य बनायेगी।" किन्तु यह अनुमान से पूर्णतः गलत साबित हुआ। ब्रिटिश नीति में अनिवार्यत: कुछ ऐसे अन्तर्विरोध थे जिन्हें सुलझाया नहीं जा सकता था । उसका उद्देश्य था विनाश, किन्तु परिणाम हुआ पुनरुज्जीवन । शिक्षा प्रणाली ने प्रयत्न तो किया भारत कोई आत्मा को कुचल देने का, किन्तु वास्तव में यह एक ऐसे आन्दोलन के बीज बो रही थी, जिसने अन्ततः स्वयं ब्रिटिश शासन को ही उखाड़ फेंका।
ब्रिटिश शिक्षा ने भारतीय बुद्धिजीवियों के सामने सामाजिक और राजनीतिक स्वातंत्र्य के अन्य क्षितिज उद्घाटित किए। शिक्षित भारतीयों ने एक और तो दूसरे देशों के प्रगतिशील विचारों और उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों की सराहना करना सीखा और दूसरी ओर नए ज्ञान की कसौटी पर स्वयं अपनी परम्पराओं, धर्म, दर्शन, रीति रिवाजों और रुचियों को कसना सीखा। मैकॉले ने सोचा कि उसकी शिक्षा प्रणाली भारतीयों की राष्ट्रीय चेतना को कुंठित कर देगी और उन्हें वफ़ादार गुलाम बनाने में सफल होगी। किन्तु उसने दरअसल जीवन के प्रति एक नए वैज्ञानिक दृष्टि बिंदु का आधार तैयार किया और नये राष्ट्रीय जागरण में भी सहायता पहुंचायी। दूसरे शब्दों में, अंग्रेजों की शिक्षा नीति ने भारतीय बुद्धिजीवियों का एक ऐसा नया वर्ग पैदा किया, जो पश्चिमी विज्ञान के मूल तत्वों तथा पश्चिम के अधिक उन्नत सांस्कृतिक मानदंडों को समझते और आत्मसात करते थे, और साथ ही स्वयं अपनी मातृभूमि की उन्नति के लिए उनका उपयोग करते थे।
पश्चिमी शिक्षा ने भारत में नये प्रकार की विचारधारा के विकास को सुगम बनाया। इस विचारधारा के अंग थे : युक्तियुक्तता, उदारवाद, स्वतंत्रता और जनवाद, मानवतावाद तथा समानता के विचार, आधुनिक भारतीय चिंतन को शैली, बायरन, कौबडन, मिल, स्पेंसर, कार्लाईल, रस्किन, मोरले, मिल्टन, लॉक, तथा बर्क ने जो प्रोत्साहन और बल प्रदान किया, उसे कम करके नहीं आंका जा सकता। वास्तव में, आधुनिक भारत ने मस्तिष्क को ढालने में पश्चिमी विचरों ने निर्णायक भूमिका अदा की।